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EWS and LIG Scheme – Get 6.5% Interest Discount on Home loans

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EWS and LIG Scheme – Get 6.5% Interest Discount on Home loans. Find Complete Details Related to this scheme in Hindi and English. Hi Friends Govt launches ‘Housing for All’ scheme, interest relief for urban poor. The Cabinet Committee on Economic Affairs on Wednesday approved a proposal to increase the interest subvention rates for affordable housing through credit-linked subsidy component of the ‘Housing For All’ by 2020 mission.

The Union Cabinet chaired by PM Modi accepted the recommendations of an Inter-Ministerial Committee to increase interest subvention to 6.50 per cent on housing loans to beneficiaries belonging to EWS. Now you can scroll down below and check Complete details for EWS and LIG Scheme – Get 6.5% Interest Discount on Home loans in Hindi and English.

EWS and LIG Scheme – Get 6.5% Interest Discount on Home loans

EWS and LIG Scheme

“Under the credit-linked interest subsidy component, interest subsidy of 6.5 per cent on housing loans availed up to a tenure of 15 years will be provided to economic weaker sections/lower income group (EWS/LIG) categories, wherein the subsidy pay-out on net present value (NPV) basis would be about Rs 2.3 lakh per house for both categories,” said an official statement.

The committee, chaired by Prime Minister Narendra Modi, accepted recommendations of an inter-ministerial committee to increase the interest subsidy to 6.5 percent for loans of up to Rs 6 lakh for Economically Weaker Section (EWS) and Lower Income Group (LIG) beneficiaries under the mission. Of the total interest rate of 10.50 per cent, beneficiaries will now have to bear only the remaining 4 per cent.

“While the mission was broadly approved by the Union Cabinet on February 19 this year, the group of ministers was formed to study the feasibility of raising the interest subsidy levels from the existing 5 per cent,” said an official from the Ministry of Housing and Urban Poverty Alleviation.

The proposal placed before the Union cabinet in February had, in fact, suggested that the existing interest subsidy be lowered further to 4.98 per cent for EWS and 3.33 per cent for LIG category on net present value basis. It was, however, turned down by cabinet members who were in favour of a hike in subsidy, said officials.

The inter-ministerial committee has asked for the interest subsidy of 6.5 per cent to be kept constant even in the event of a future increase in interest rates.

The hike in interest subsidy amounts to a central assistance of Rs 2.30 lakh per beneficiary through the credit-linked subsidy scheme of the mission.

The other three components of the mission, namely slum redevelopment through private developer participation, affordable housing in partnership with private and public sector and subsidy for individual-led construction or enhancement, will get central grants in the range of Rs 1 lakh to Rs 1.5 lakh for each of the beneficiaries from the EWS and LIG category.

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देश में सस्‍ते घरों की कमी दूर करने के लिए बुधवार को कैबिनेट ने सस्‍ते घर खरीदने वालों को बड़ी राहत देने का फैसला किया। कैबिनेट ने अपने फैसले में कहा कि ऋण-संबद्ध ब्याज छूट घटक के तहत आर्थिक रूप से कमजोर तबके/निम्न आय समूह (ईडब्ल्यूएस/एलआईजी) श्रेणी में 15 साल तक की अवधि हेतु लिए गए आवास ऋण पर 6.5 फीसदी ब्याज छूट दी जाएगी, जिसमें दोनों ही श्रेणियों में शुद्ध वर्तमान मूल्य पर कुल सब्सिडी प्रति मकान 2.3 लाख रूपये होगी। घटे ब्याज का बोझ बैंकों पर न पड़े, इसके लिए सरकार सब्सिडी दे रही है। सरकार के इस एलान से कम आय वर्ग को बड़ी राहत मिलेगी और कम आय में भी खुद के घर का सपना पूरा किया जा सकेगा।

सरकार ने बुधवार को शहरी गरीबों को रियायतों का तोहफा देने का फैसला किया है। शहरी गरीबों के आवासीय ऋण पर ब्याज दरों में 6.5 फीसद तक की रियायत देने का प्रावधान किया गया है। गरीबों को मकान देने के उद्देश्य से ब्याज की इस रियायत का भार सरकार उठाएगी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के इस फैसले से आवास ऋण लेने वाले प्रत्येक शहरी गरीब को 2.30 लाख रुपये तक लाभ मिलेगा।

2 करोड़ घरों की जरूरत

एसोचैम के मुताबिक, देश में करीब 2 करोड़ घरों की जरूरत है। इनमें से 95.62 प्रतिशत घर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्लूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के लिए चाहिए।

कुछ ख़ास बातें

सस्ते आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी में प्रति मकान 1.5 लाख रूपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी।

योजना के तहत लगभग दो करोड मकान बनेंगे।
कब से होगी शुरु
प्रथम चरण (अप्रैल 2015 से मार्च 2017) में 100 शहर चुने जाएंगे।
चरण-2ए (अप्रैल 2017-मार्च 2019) में 200 और शहरों का चुनाव होगा।
तीसरे चरण (अप्रैल 2019-मार्च 2022) में शेष सभी शहरों में योजना कार्यान्वित की जाएगी।
किस आय वर्ग को चाहिए सस्ता घर
झुग्गी वासियों
असंगठित क्षेत्र के कर्मी
संगठित क्षेत्रों के कर्मी
आय (मासिक)
3000-6000रु
6000-10000रु
10000-20000रु
ईएमआई
500-1000रु
1000-1500रु
2000-4000रु
मापदंड ईडब्लूएस/ एलआईजी एमआईजी
क्षेत्रफल 300-600 वर्गफीट (कार्पेट एरिया) 1200 वर्ग फीट
कीमत वार्षिक आय का 4 गुणा से कम वार्षिक आय का 5 गुणा से कम
मासिक किस्त मासिक आय का 30 फीसदी मासिक आय का 40 फीसदी

मार्केट में सस्‍ते घर की परिभाषा

रियल एस्‍टेट मार्केट में सस्‍ते घर की कोई तय परिभाषा नहीं है। दिल्‍ली-एनसीआर या फिर किसी अन्य मेट्रो सिटी में सस्‍ते घर की कीमत 15 से 20 लाख रुपए के रेंज में है और यह 500-650 वर्ग फीट एरिया में बना होता है। वहीं, इसके उलट सरकारी स्कीमों में सस्ते घर को तलाशा जाए इंदिरा आवास योजना देश के ग्रामीण इलाकों में समाज के गरीब तबकों को 75,000 रुपए में घर बनाने की आर्थिक मदद देता है।

क्या है जमीनी हकीकत?

सस्‍ते घर की कीमत 5 से 12 लाख के बीच होनी चाहिए। ऐसे घरों का आकार 200 से 500 वर्ग फीट होना चाहिए। सस्‍ते घर के निर्माण के लिए सस्‍ती कीमत पर जमीन मुहैया होनी चाहिए और इसके लिए स्‍वीकृति की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी किया जाना चाहिए। घरों की कीमतों को कम रखने के लिए निर्माण की नई तकनीकि को विकसित करने की जरूरत है

क्‍यों नहीं बन पा रहा है सस्‍ता घर?

देश भर में घर निर्माण में प्राइवेट डेवलपर्स का बोलबाला है। प्राइवेट डेवलपर्स मोटा मुनाफा कमाने के चक्‍कर में सस्‍ते घर का निर्माण नहीं करना चाहते। रियल एस्‍टेट के लिए रेगुलेटर नहीं होने का फायदा भी बिल्‍डर उठाते हैं। घरों की कीमत वह अपनी मनमर्जी से तय करते है। सरकार की जितनी भी एजेंसियां है, वे घर बनाने का काम छोड़ चुकी हैं। वे जमीन का अधिग्रहण कर प्राइवेट डेवलपर्स को बेचने का काम करती हैं जिसके चलते समय-समय पर ज्यादातर निर्माण एजेन्सियों पर भष्‍ट्राचार के गंभीर आरोप लगते रहते हैं।

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6 comments

  1. Kisi se lone ki jsnkari le saktshu esa koi mobail no. Ho to batado

  2. Koi contect no. He janksri ke liye

  3. hame bankse 5lakhki 15 sal takki lig schmeki home loan liye tin mahine huye.
    6.5% interest discount ke bare me hamne bankme pucha to aisi koi scheme hamare yaha nahihe aisa bankne bataya.
    so plz hame bataiyeki ye schemeka lab line ke liye kiska sampark kare.
    aur aapkabhi sampark number hame dijiye, so hum bank ko bata paye

  4. flat pls sir bhiwadi rajasthan

  5. Md Rahibul Haque

    Its a good step for the masses development.

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